
Jharkhand झारखंड : लोगों को बैंक में खाता खुलवाने और अन्य बैंकिंग सेवाओं के नाम पर साइबर ठगी करने वाले संतोष गोराई को धनबाद साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के सात एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर पुलिस एक मामले की जांच कर रही थी, जिसके लिए विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था। टीम ने पुराना बरवाडडा धाना के सामने स्थित कृष्णा इंटरनेट कैफे में छापामारी की। छापामारी के दौरान पता चला कि तीसरा थाना के मुकुंद का निवासी संतोष गोराई इस साइबर अपराध में संलिप्त है।
पुलिस ने बताया कि संतोष गोराई लोगों को आकर्षक ऑफर देकर बैंक खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बाद वह उनके व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग करके ऑनलाइन लेनदेन और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को प्रभावित करता था। कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खातों से अनधिकृत राशि निकाल ली गई थी।
साइबर थाना के निरीक्षक ने कहा, "संतोष गोराई लंबे समय से ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल था। उसकी पहचान और कार्यप्रणाली का पता चलने के बाद हमने विशेष टीम बनाकर इस छापामारी का संचालन किया। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जो आगे की जांच में मदद करेंगे।"
अधिकारियों ने यह भी कहा कि संतोष के पास बरामद किए गए एटीएम कार्ड विभिन्न बैंकों के थे। यह स्पष्ट संकेत है कि उसके नेटवर्क में कई लोगों की व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी शामिल थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके अपराध में और कितने लोग शामिल थे और उसने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया।
धनबाद साइबर थाना ने संतोष गोराई के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। उसके खिलाफ ऑनलाइन धोखाधड़ी, बैंकिंग फ्रॉड और व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग के आरोप हैं। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ जागरूकता बहुत जरूरी है। लोगों को अपनी व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी और ऑनलाइन डेटा साझा करते समय सतर्क रहने की जरूरत है। बैंक कभी भी ग्राहकों से पासवर्ड, पिन या ओटीपी मांगते नहीं हैं।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि ऐसी कार्रवाई से साइबर अपराधियों में डर पैदा होगा। वहीं, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फोन कॉल, मैसेज या ईमेल के मामले में तुरंत साइबर थाना को सूचित करें।
इस गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कानून सख्त है और पुलिस लगातार ऐसे अपराधों पर नजर रख रही है।





